Story Of Leonardo Da Vinci

लेओनडो द विन्ची 

प्रख्यात चित्रकार , शिल्पकार , अविष्कारक , अदभुत  कल्पनाशक्ति के धनी लेओनार्डो द विन्ची का जन्म पंद्रहवी सदी में , जब यूरोप में मध्य युग का अन्धकार छटना प्रारंभ हुआ था, इटली के फ्लोरेंस शहर से कुछ दूरी पर स्थित एक पहाड़ी गांव  विन्ची में हुआ था।

बचपन में नाम लियो था और बाद में गांव के नाम पर इस अदभुत  अविष्कारक  लेओनार्डो द विन्ची हुआ।


उस अंधकार युग में इटली में दहेज़ की कुप्रथा जोरो पर थी और  जो युवती या उसके माता-पिता दहेज़ दे पते थे, उनका विवाह नहीं हो पता था।  लियो की माता एक गरीब युवती थी और विवाह पूर्व ही उसने लियो को जन्म दे दिया था। अतः वह उसे लियो के पिता सर पियरो को सौप कर अपने घर चली गयी।  सर पियरो एक धनी व्यक्ति थे और उनका दर्जा एक नोटरी मजिस्ट्रेट का था।

बाद में सर पियरो का विवाह एक अन्य १८ वर्षीय युवती से हुआ।  उधर लियो की वास्तविक माता का विवाह उसी गांव के एक गरीब व वृद्ध व्यक्ति से हुआ।

इस प्रकार बालक लियो के पास एक वास्तविक पिता , एक सौतेली माता घर में थे और पास में एक वास्तविक माता और एक सौतेले पिता थे।  सर पियरो की पहली संतान होने के कारण उसे घर में भी प्यार मिलता था और जब कभी वह अपनी माता के घर जाता तो वह भी।

शीघ्र ही सर पियरो व् उनकी नयी पत्नी कैटरीना अपनी व्यवसाय के सिलसिले में ज्यादातर फ्लोरेंस में।   लियो की देखरेख उसके दादा -दादी करने लगे।

अब बालक लियो अपने चाचा फ्रांसिको के साथ अपनी पारिवारिक जायदाद जिसमे तमाम खेत , बगीचे थे देखने जाता था।
वह जब ऊँचे पेड़ो , बहते झरनों, नदियों, बड़े -बड़े शांत तालाबो  देखता तो उसके मन में

आगे पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें 

Comments

Popular posts from this blog

what is Oasis ? | ओसिस क्या है?

History Of America

कैसे बने पेट्रोलियम? | How did Petroleum Form?